तुमसे मोहब्बत सी होने लगी है 💕
हवाएँ रुख बदल रही है ,
आसमान नीला पड़ रहा है,
मीटृी की महक सासो मै
समा सी गयी है,
मौसम भी बदल सा रहा है,
शायद मुझे तुमसे मोहब्बत सी होने लगी हैं।
पतझड़ का मौसम सिमट रहा है ,
सुखी पीली पत्ती भी हरि सी होने लगी हैं
चिड़िया खुब चहचहा रही हैं
कोयल भी गाना गाने लगी है,
सब कुछ खुश-मिसाज सा हो रहा हैं,
शायद मुझे तुमसे मोहब्बत सी होने लगी है।
मैं सपनो में खोई खोई सी रहने लगी हु,
मेरे दोस्त भी तुम्हारा नाम लेने लगे हैं,
मै भी हर पल हस्ती मुस्कुराती सी रहती हु,
शायद थोड़ी पागल सी हो गई हु,
नाचना, गुनगुनाना मेरे साथी बन से गए है,
क्योंकि, मुझे तुमसे मोहब्बत सी होने लगी है।।
-गामिनी आर्य ❣

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